चुनावी चहल पहल में आज बात करते हैं, चुनाव आयोग के मतदाताओं तक पहुंचने की कवायत पर।
EVM से मतदान को लेकर विपक्ष सवाल कर रहे है , जिसका जवाब चुनाव आयोग ने देते हुए कहा है कि वीवीपेट में कोई भी सॉफ्टवेयर लोड नही किया जा सकता।
आज से लोकतंत्र के महापर्व चुनाव मुक्ति प्रक्रिया के प्रारंभ के साथ 21 राज्यों की 102 बैठकों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग हर मतदाता तक पहुंचने की कवायत में लगा है। कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए, इसके लिए आज के प्रथम तबके में पूर्वोत्तर राज्यों के मिजोरम, असम, में नदियों, पहाड़ों को पार करके अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के अंतरिम विस्तारों में चुनाव पदाधिकारी 3 दिन में पहुंचे हैं। इसके लिए इन्होंने बहुत मशक्कत की है।
लक्षद्वीप में मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए बोट का उपयोग भी किया गया है। वही गुजरात के जूनागढ़ के सासन गीर में केवल एक मतदाता के लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदान केंद्र की व्यवस्था की जाती है।
विशाल भारत देश के कोने-कोने तक पहुंचने की चुनाव आयोग की पूर्णतया कोशिश रहती है, ताकि हर मतदाता अपने मतदान अधिकार से चूक न सके। इसीलिए शायद विश्व में भारत के चुनाव आयोग की कार्यवाही की प्रशंसा की जाती है।
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