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अब गुजरात के इन शहरों को भी मिलेगा Cardiac Treatment Centres का तोहफा, बजट 2024-25 में किया गया बड़ा फैसला

स्टेट बजट ऑफ़ गुजरात 2024-25 कल जारी हुआ जिसमें शिक्षा बजट में 26.26% की बढ़ौतरी की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बजट में 32.39% की वृद्धि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति बजट में 25.20% की वृद्धि, और महिला एवं बाल विकास बजट में 13.50% की वृद्धि हुई। इस नए बजट के अंतर्गत और एक रिसर्च सेंटर के सहयोग से गुजरात को 3 शहरों में हृदय उपचार केंद्र (cardiac treatment centres) मिलने वाले हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बजट में 32.39% की वृद्धि होने से कुल बजट 20,100 करोड़ अलॉट हुआ है। यह बजट पिछले साल के बजट से काफी अच्छा है। गुजरात राज्य सरकार ने 3 राज्यों में हृदय उपचार केंद्र (cardiac treatment centres) स्थापित करने का निर्णय लिया है। गुजरात के गांधीनगर, राजकोट और सूरत में यह केंद्र स्थापित होंगे। UN Mehta Institute of Cardiology and Research Centre (UNMICRC) के सहयोग से शुरू की जाने वाली यह पहल गुजरात में अचानक होने वाली मौतों के बढ़ते मामलों के जवाब में है, जिनमें से कुछ को अंतर्निहित हृदय रोगों से जुड़ा माना जाता है।

आपको बता दें कि बजट का बड़ा हिस्सा 2,531 पैनल वाले निजी और सरकारी अस्पतालों में ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई)’ को लागू करने में जाता है, जिसमें 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज की पेशकश की जाती है। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए इक्विपमेंट्स के कंस्ट्रक्शन और एक्वीजीशन के लिए 2,308 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि GMERS Medical Hospital के लिए 1,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और गैर-संक्रामक रोगों (non-communicable diseases (NCDs)) को नियंत्रित करने के लिए 350 करोड़ रुपये के राज्य परिव्यय के साथ विश्व बैंक के सहयोग से महत्वाकांक्षी ‘श्रेष्ठ गुजरात परियोजना (Shreshth Gujarat Project)’ शुरू करने की घोषणा की है। EMRI 108 एंबुलेंस को 76 करोड़ रुपये में 319 नई एंबुलेंस मिलेंगी और MediCity को इक्विपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 60 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं की पहचान करके और उन्हें संस्थागत सहायता प्रदान करके मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए 53 करोड़ रुपये का आवंटन समर्पित है।

कोलावाड़ा में आयुर्वेदिक कॉलेज को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना है क्योंकि आयुष के लिए कुल आवंटन 482 करोड़ रुपये है। राज्य कर्मचारी बीमा में 221 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 15 लाख श्रमिकों को कवर किया जाएगा।