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UGC लाएगा नई नीति: ग्रेजुएशन कोर्स की ड्यूरेशन अब होगी फ्लेक्सिबल, स्टूडेंट्स 2 से 5 साल में पूरी कर सकेंगे डिग्री!

अगर आप ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। अगले साल से यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) एक नई फ्लेक्सिबल पॉलिसी लाने जा रहा है, जिसके तहत स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन कोर्स के ड्यूरेशन में लचीलापन मिलेगा। यानी अब स्टूडेंट्स अपनी इच्छानुसार अपनी डिग्री दो से पांच साल के बीच पूरी कर सकेंगे।

यह जानकारी UGC के चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने IIT मद्रास में आयोजित साउथ जोन समिट में दी। इस नई पॉलिसी के तहत, 2025-26 अकादमिक सत्र से स्टूडेंट्स को अपनी ग्रेजुएशन डिग्री को पूरा करने के लिए तीन साल के बजाय दो से ढाई साल का समय मिल सकता है। वहीं, अगर कोई स्टूडेंट पढ़ाई में कमजोर है या किसी कारणवश धीमे गति से पढ़ाई करना चाहता है, तो उसे ग्रेजुएशन डिग्री पूरा करने के लिए पांच साल तक का समय मिल सकता है।

क्या हैं इस बदलाव के पीछे के कारण?

UGC की यह पहल भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चेयरमैन एम. जगदीश कुमार के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य हायर एजुकेशन को सभी के लिए अधिक सुलभ और आसान बनाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छात्रों को अपनी क्षमता के अनुसार अध्ययन करने का अवसर मिले, और यदि कोई तेज़ी से अपनी पढ़ाई समाप्त करना चाहता है, तो उसे किसी बाधा का सामना न करना पड़े। वहीं, जिन छात्रों को अपनी पढ़ाई में समय चाहिए, उनके लिए भी लचीलापन हो।”

लचीलापन के क्या विकल्प होंगे?

UGC द्वारा प्रस्तावित इस नई पॉलिसी के तहत, छात्रों को यह ऑप्शन मिलेगा कि वे अपनी डिग्री की अवधि को घटा या बढ़ा सकते हैं। इसका लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो तेज़ी से अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं, साथ ही उन छात्रों को भी फायदा होगा जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई में ज्यादा समय लेना चाहते हैं।

  • तेज़ी से डिग्री पूरी करना: अगर कोई छात्र अपने पाठ्यक्रम को जल्दी पूरा करना चाहता है और आवश्यकता अनुसार क्रेडिट स्कोर भी पूरा कर चुका है, तो वह अपनी डिग्री दो से ढाई साल में भी पूरी कर सकता है।
  • धीरे से डिग्री पूरी करना: वहीं, यदि किसी छात्र को पढ़ाई में कठिनाई हो रही है या वह किसी कारणवश अपने अध्ययन को विस्तार देना चाहता है, तो वह पांच साल में अपनी डिग्री पूरी कर सकता है।

क्या यह बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद होगा?

यह कदम निश्चित रूप से छात्रों को कई तरह के लाभ प्रदान करेगा। सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। उदाहरण के लिए, जो छात्र किसी कारणवश अपनी पढ़ाई में एक ब्रेक लेना चाहते हैं, वे आसानी से इस पॉलिसी का फायदा उठा सकते हैं।

यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन साबित हो सकता है। छात्रों को अब अपनी पढ़ाई के लिए एक अधिक संतुलित समयसीमा मिल सकेगी, जिससे वे अपनी क्षमताओं और परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

इस नई पॉलिसी का दूसरा लाभ यह है कि यह उन छात्रों को भी अवसर देगा जो किसी व्यक्तिगत या पारिवारिक कारण से अपनी पढ़ाई में गति नहीं पकड़ पा रहे हैं। उन्हें अब पांच साल का समय मिल सकता है, जिससे वे आराम से अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।

UGC द्वारा दी गई ब्रेक लेने की सुविधा

यह भी ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत UGC ने पहले ही छात्रों को डिग्री के दौरान ब्रेक लेने की अनुमति दी है। यदि किसी छात्र को लगता है कि वह कुछ समय के लिए पढ़ाई से ब्रेक लेना चाहता है, तो वह यह विकल्प भी चुन सकता है और बाद में वापस आकर अपनी डिग्री पूरी कर सकता है। इससे छात्रों को अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का अवसर मिलता है।