Waqf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर 12 घंटे की लंबी चर्चा के बाद इसे मंजूरी दे दी गई। आज इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 520 सांसदों में से 288 ने बिल के पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने इस बिल को “उम्मीद (यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट- UMEED)” नाम दिया है। राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
वक्फ संशोधन बिल 2025 में क्या बड़े बदलाव होंगे? जानिए 10 महत्वपूर्ण बातें
1. वक्फ की सभी संपत्तियों का डेटा ऑनलाइन होगा
बिल पारित होते ही वक्फ से जुड़ा पूरा डेटा ऑनलाइन किया जाएगा। कानून लागू होने के 6 महीने के भीतर सभी वक्फ संपत्तियों को केंद्रीय डेटाबेस पर पंजीकृत करना अनिवार्य होगा। वक्फ से जुड़ी जमीन की सभी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। कुछ मामलों में यह समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।
2. विवाद सुलझाने का अधिकार सरकारी अधिकारी को मिलेगा
अगर किसी वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद होता है तो राज्य सरकार का अधिकारी यह तय करेगा कि संपत्ति वक्फ की है या सरकारी। विपक्ष ने इस प्रावधान का विरोध किया है, क्योंकि उनका मानना है कि अधिकारी सरकार के पक्ष में फैसले ले सकते हैं और इसमें समयसीमा का कोई प्रावधान नहीं है।
3. वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी
बिल के अनुसार, अब केवल दान में मिली संपत्ति ही वक्फ की मानी जाएगी। यदि वक्फ ट्रिब्यूनल किसी संपत्ति पर दावा करता है, तो उसका मामला राजस्व न्यायालय (Revenue Court) में अपील किया जा सकता है। इसके अलावा, सिविल कोर्ट और हाईकोर्ट में भी वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती दी जा सकेगी।
4. सरकार को वक्फ संपत्तियों का ऑडिट करने का अधिकार मिलेगा
केंद्र और राज्य सरकारों को वक्फ संपत्तियों का ऑडिट करने का अधिकार मिलेगा ताकि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को रोका जा सके। वक्फ बोर्ड सरकार को कोई भी जानकारी देने से इनकार नहीं कर सकेगा।
5. महिलाओं को भी वक्फ संपत्ति में हिस्सा मिलेगा
बिल के तहत ‘वक्फ-अल-औलाद’ के नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे अब महिलाओं को भी वक्फ संपत्ति में उत्तराधिकारी माना जाएगा। पहले केवल पुरुषों को ही इसका हक मिलता था, लेकिन अब परिवार की महिला सदस्य भी इस आय में हिस्सेदार होंगी।
6. सरकारी संपत्तियों पर वक्फ दावा नहीं कर सकेगा
बिल के तहत, अब वक्फ बोर्ड सरकारी संपत्तियों पर दावेदारी नहीं कर सकेगा। यदि वक्फ बोर्ड किसी सरकारी संपत्ति को वक्फ घोषित करता है, तो राज्य सरकार जांच कराएगी। यदि जांच में दावा गलत साबित होता है, तो सरकारी जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।
7. आदिवासी भूमि पर वक्फ का दावा नहीं चलेगा
आदिवासी समुदाय की जमीन को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकेगा। संविधान के अनुसार, आदिवासियों की भूमि को पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत संरक्षित किया गया है। बिल के मुताबिक, अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति आदिवासी समुदाय की जमीन को वक्फ के रूप में दान करता है, तो वह अवैध माना जाएगा।
8. केवल कानूनी रूप से स्वामित्व वाली जमीन ही वक्फ को दान की जा सकेगी
अब केवल वही व्यक्ति जो कानूनी रूप से किसी संपत्ति का मालिक है, वह उसे वक्फ के लिए दान कर सकेगा। अगर किसी ने किसी अन्य के नाम की संपत्ति वक्फ को दान में दी, तो यह गैरकानूनी माना जाएगा।
9. वक्फ बोर्ड का अधिकार सीमित होगा
पहले वक्फ बोर्ड को यह तय करने का अंतिम अधिकार था कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं। वक्फ बोर्ड बिना किसी ठोस प्रमाण के संपत्तियों पर दावा कर सकता था। लेकिन अब यह अधिकार राजस्व न्यायालय और अन्य सरकारी एजेंसियों के पास होगा।
10. धारा 40 को खत्म कर दिया गया है
इस बिल के तहत वक्फ एक्ट की धारा 40 को खत्म कर दिया गया है। यह धारा वक्फ बोर्ड को यह तय करने का अधिकार देती थी कि कौन-सी संपत्ति वक्फ की है और कौन-सी नहीं। लेकिन इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया था, इसलिए इसे हटा दिया गया है।
वक्फ संशोधन बिल 2025 सरकार के वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम है। हालांकि, विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन मान रहा है। अब देखना यह होगा कि राज्यसभा से पास होने के बाद इस बिल पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
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