मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इजराइल और लेबनान के बीच छिड़े संघर्ष ने अब एक बड़े युद्ध का रूप ले लिया है। ऐसे में भारत सरकार ने लेबनान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए तत्काल देश छोड़ने की सख्त सलाह दी है।
भारतीय दूतावास, बेरूत ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें और तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।दो महीने पहले, भारतीय दूतावास ने स्थिति को काबू में बताते हुए लोगों को लेबनान में बने रहने की सलाह दी थी। लेकिन बीते आठ दिनों में हालात चिंताजनक हो चुके हैं। इस दौरान 700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और इजराइली सेना अब लेबनान में जमीनी घुसपैठ की तैयारी में है, जिससे वहां एक और बड़े संघर्ष का खतरा मंडराने लगा है।
हिजबुल्लाह पर इजराइली सेना का हमला
इजराइल के मिलिट्री चीफ, हर्जई हालेवी ने स्पष्ट किया है कि उनका मकसद हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को ध्वस्त करना है और जमीनी घुसपैठ के लिए रास्ता साफ करना है। बुधवार देर रात इजराइल ने हिजबुल्लाह के 75 ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए, जिनमें 72 लोगों की मौत हो गई। हालेवी का कहना है कि अब इजराइली सेना हिजबुल्लाह के क्षेत्र में प्रवेश करेगी और उनकी सैन्य चौकियों को नष्ट करेगी।
अंतरराष्ट्रीय चिंता: अमेरिका-फ्रांस की अपील
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह तनाव चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका और फ्रांस ने इजराइल और लेबनान के बीच हो रहे इस संघर्ष को रोकने की अपील की है। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए ऐसा लगता है कि मध्य पूर्व में एक और युद्ध की शुरुआत हो सकती है, जिसका असर केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा।
भारत का दृष्टिकोण: समय रहते सावधानी जरूरी
इस पूरे घटनाक्रम पर मेरी राय यह है कि भारत सरकार का यह कदम बिल्कुल सही है। लेबनान और इजराइल के बीच जिस तरह की हिंसा बढ़ रही है, उसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। समय रहते वहां से नागरिकों को निकालना ही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है। विश्व में बढ़ती अस्थिरता के इस दौर में, हर देश को अपने नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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