मुज़फ्फरनगर के 65 वर्षीय सुधेश ने अपनी 92 वर्षीय मां, जगबिरी देवी, को कुंभ मेले में ले जाने का प्रण लिया है। इस अद्भुत संकल्प को पूरा करने के लिए वे प्रतिदिन 50 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। उनका यह भावनात्मक और प्रेरणादायक सफर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सुधेश अपनी मां को पारंपरिक बैलगाड़ी पर बैठाकर 13 दिन की कठिन यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा उनके अटूट प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की मिसाल पेश करती है। वे इस सफर में हर कठिनाई को सहर्ष स्वीकार कर रहे हैं, जो उनकी मातृभक्ति और दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।
उनकी यह भक्ति श्रवण कुमार की कहानी की याद दिलाती है, जिन्होंने अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा कराई थी। सुधेश की यह यात्रा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह दर्शाती है कि आज भी समाज में ऐसे बेटे मौजूद हैं जो अपने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं।
सोशल मीडिया पर सुधेश की इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग उनकी इस निस्वार्थ भक्ति को सलाम कर रहे हैं और उनकी सराहना कर रहे हैं। कई लोग इसे सच्ची सेवा और संस्कारों की उत्कृष्ट मिसाल मान रहे हैं।
सुधेश का यह कदम समाज में एक नई चेतना जगाने का कार्य कर रहा है। यह दिखाता है कि अगर सच्ची निष्ठा और प्रेम हो, तो कोई भी बाधा इंसान को अपने लक्ष्य तक पहुंचने से रोक नहीं सकती। उनका यह साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है।

More Stories
डिसा ब्लास्ट केस: नर्मदा किनारे 18 मृतकों का अंतिम संस्कार, परिजन नहीं देख पाए अपनों का चेहरा
मासिक धर्म और आत्महत्या: धर्म, भय और समाज के दोहरे चेहरे की पड़ताल -:
लोगों के बीच बदल गई हॉरर की परिभाषा, परिवार संग पसंद कर रहे ये हॉरर-कॉमेडी फिल्में