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कोरोना के बाद अब निपाह वायरस मचा सकता है तबाही!

केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। यहां तेज बुखार की वजह से दो लोगों की मौत हो चुकी है वहीं दो मरीज और पाए गए हैं। जिसका बाद वहां की सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। यह वायरस जानवर से इंसानों में और इंसानों के कॉन्टेक्ट में आने से दूसरे इंसानों में फैलता है। इसकी वजह से तेज बुखार आता है यह इतना गंभीर होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। ऐसे में इससे सावधान रहने की सख्त जरूरत है।

निपाह वायरस के ये हैं लक्षण

निपाह वायरस को जूटोनिक वायरस भी कहा जाता है। घोड़े, कुत्ते, बिल्ली, बकरी, सुअर जैसे जानवरों के माध्यम से निपाह वायरस इंसानों के बीच पांव पसार रहा है। इसके लक्षण आम बुखार की तरह ही है। इसलिए लोग इसे लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि निपाह वायरस के संपर्क में आने पर किसी भी इंसान में 10 15 दिन में ही इसके लक्षण दिखने लगते हैं। संक्रमित लोगों में शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, उल्टी और गले में दर्द होता है. संक्रमित इंसान को बहुत ज्यादा कमजोरी लगने लगती है। मांशपेशियों में दर्द भी होता है। इस बीमारी में कुछ लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। गंभीर मामलों में दौरे भी पड़ते हैं, जिससे इंसान 24 से 48 घंटों के भीतर कोमा में जा सकता है इसके बाद उसकी मौत भी हो सकती है।

ऐसी स्थिती में लोगों को बताना जरूरी है कि किसी भी प्रकार के बुखार को नजर अंदाज न किया जाए। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि निपाह वायरस की अब तक न तो कोई दवा बन सकी है और न ही रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन। यदि निपाह से बचना है तो इससे सावधानी बरतना जरूरी है।

वायरस के कैसे बरतें सावधानियां

कुछ सावधानियां बरत कर आप निपाह वायरस से बच सकते हैं। सबसे पहले सुअर और चमगादड़ के संपर्क में आने से बचे। जमीन या सीधे नीचे गिरे फलों का सेवन न करें, मास्क लगाए और थोड़ी-थोड़ी देर में अपने हाथ अच्छी तरह से धोते रहें। संक्रमित इंसान से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है। निपाह वायरस का अब तक कोई एंटीडोट नहीं बना हैं इसलिए आप इन सावधानियों को रखकर इस वायरस से इंनफेक्टेड होने से बच सकते हैं।