CATEGORIES

April 2025
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Friday, April 4   11:06:47

छूना या कपड़े उतारने की कोशिश दुष्कर्म का प्रयास नहीं

क्या है मामला?
हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक में बहस छेड़ दी है। कोर्ट ने कहा कि “प्राइवेट पार्टी को टच करना और नाड़ा तोड़ना अपने आप में दुर्व्यवहार नहीं है, जब तक कि इसके पीछे कोई आपत्तिजनक इरादा न हो।”

फैसले पर उठे सवाल
इस फैसले के बाद जनता और कानूनी विशेषज्ञों में दो मत बन गए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला न्यायपालिका के विवेक का हिस्सा है, जबकि कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने इसे महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए खतरा बताया है।

कानूनी पहलू क्या कहता है?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराएं अनैतिक शारीरिक संपर्क को अपराध मानती हैं।
IPC की धारा 354: किसी महिला की गरिमा को भंग करने की कोशिश दंडनीय अपराध है।

धारा 509: महिला का अपमान या असभ्य हरकत करना अपराध की श्रेणी में आता है।

क्या यह फैसला नज़ीर बनेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले का असर आने वाले मामलों में देखा जा सकता है। अगर यह न्यायिक मिसाल बनता है, तो महिलाओं की सुरक्षा और समाज में नैतिकता को लेकर एक नई बहस शुरू हो सकती है।

जनता का मिला-जुला रिएक्शन

इस मामले पर लोगों की राय बंटी हुई है—
कुछ लोग इसे “न्यायपालिका की निष्पक्षता” मानते हैं।
तो कुछ इसे “महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक” बताते हैं।

आपकी क्या राय है?
क्या यह फैसला कानून के नए नजरिए को दर्शाता है या फिर यह नैतिकता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है?
हमें अपने विचार ज़रूर बताएं!