03-12-2022, Saturday
दिव्यांगो के अधिकारों और मुख्य धारा।में शामिल करने।के प्रति जागृति जगाने के उद्देश्य से 1992 से हर वर्ष आज 3 दिसंबर का दिन विश्व विकलांग दिवस के रूप में मनाया जाता है।हर वर्ष अलग अलग तीन से यह वर्ष।मनाया जाता है,और इस वर्ष का थीम है,समावेशी विकास हेतु परिवर्तनकारी समाधान।
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 3दिसंबर 1992 का दिन विश्व विकलांग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया गया।तब से हर वर्ष यह दिन विश्व में ,विश्व विकलांग दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस दिन को मनाने का उद्देश्य है, दिव्यांग जनों को सम्मान पूर्वक मानवीय गरिमामय जीवन का अधिकार देने बढ़ावा देना,उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना है। आज विश्व का यह सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समाज है। संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के अनुसार 15% लोग दिव्यांगजन की श्रेणी में आते हैं। इस समाज में दिव्यांग जनों को उचित और बराबरी का अधिकार मिले, जीवन स्तर बेहतर बनाने में सहभागिता को प्रोत्साहित करना, अक्षमता के प्रति नागरिकों का ध्यान खींचना ,और आसपास के दिव्यांगों के प्रति मानवीय दायित्व प्रेषित करना है उद्देश्य ।
इसी उद्देश्य को हर जन तक पहुंचाकर उनमें जागृति जगाना ही।मुख्य काम है।
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