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किसानों के प्रदर्शन में राजनीतिक दल भी हुए शामिल

18 Feb. Vadodara: कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान आंदोलन का आज 85वां दिन है। आज देशभर में किसान रेल रोक रहे हैं। रेल रोकने का सिलसिला शाम 4 बजे तक चलेगा। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। साथ ही जनता तक अपनी बात भी पहुंचाना चाहते हैं। किसी को परेशान करना उनका ध्येय नहीं है। इसलिए ट्रेन में सफर कर रहे बच्चों के लिए दूध-पानी के इंतजाम किए गए हैं।

किसानों के इस प्रदर्शन में राजनीतिक दल भी शामिल हैं। तो वहीं, पटना में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के कार्यकर्ताओं ने तय समय (दोपहर 12 बजे) से आधे घंटे पहले ही रेल रोकना शुरू कर दिया। कुछ कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

आंदोलन को देखते हुए सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी है

किसानों के रेल रोकने के ऐलान को देखते हुए देशभर में रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) की 20 एक्स्ट्रा कंपनियां यानी करीब 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। इनमें से अधिकतर को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में तैनात किया गया है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के DG अरुण कुमार ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें और ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं हो इसका भी ख्याल रखें।

किसान नेता बोले- कानून वापसी से पहले घर वापसी नहीं होगी

पिछले 85 दिन से किसान इस बात पर अड़े हैं कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी ने एक बार फिर कहा है कि उनका संगठन किसानों के हितों के लिए लड़ रहा है और नए कृषि कानूनों की वापसी तक वे अपने घरों को नहीं लौटेंगे। चंढूनी ने कहा कि देशभर में पंचायत और महापंचायत जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार आम लोगों की नहीं बल्कि कॉरपोरेट्स की है।

अपडेट्स

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो रेल प्रबंधन भी एहतियात बरतते नज़ारा आ रहा है। टीकरी बॉर्डर मेट्रो स्टेशन, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। वहीं रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा फोर्स और रेलवे पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है। सीनियर अफसर रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग भी कर रहे हैं।

हरियाणा के पानीपत में TDI सिटी के पास पुल के नीचे वाले ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है। वहां किसान ट्रैक पर बैठे हुए हैं। करीब 12.45 बजे पहुंची बांद्रा-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। अब यह ट्रेन 4 बजे के बाद ही TDI सिटी रेलवे फाटक से आगे जा सकेगी। इससे पहले बठिंडा एक्सप्रेस डेढ़ घंटे लेट आई थी पैसेंजर्स को लेने के लिए सिर्फ 2 मिनट रुकी थी। हरियाणा में करीब 80 जगहों पर प्रदर्शनकारी रेल रोंकेगे।

पंजाब में 15 जिलों में 21 स्थानों पर किसान ट्रेनें रोकेंगे। पटियाला जिले में नाभा, संगरूर में सुनाम, मानसा, बरनाला, बठिंडा में रामपुरा, मंडी, संगत और गोनियाना, फरीदकोट में कोटकपूरा, मुक्तसर में गिद्दड़बाहा, फाजिल्का में अबोहर और जलालाबाद, मोगा में अजीतवाल, जालंधर में तरनतारन, अमृतसर में फतेहगढ़ में ट्रेनें रोकी जाएंगी।

​​​​​​बिहार में किसानों के इस प्रदर्शन में राजनीतिक दल भी जुड़े हैं। वहीं पटना में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के कार्यकर्ताओं ने तय समय (दोपहर 12 बजे) से आधे घंटे पहले ही रेल रोकना शुरू कर दिया। कुछ कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।