28-04-2023, Friday
अब राज्य में कोई आदिवासी उग्रवादी समूह नहीं : गृहमंत्री
असम के विद्रोही समूह डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी ने सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। शाह ने कहा कि असम में अब कोई आदिवासी उग्रवादी समूह नहीं है। असम में सभी आदिवासी उग्रवादी समूह मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।
समझौते के मुताबिक अब नेशनल लिबरेशन आर्मी सरेंडर करेगी और देश के संविधान को मानेगी। जल्द ही 179 कैडर अपने हथियार और गोला-बारूद पुलिस को सौंपेंगे। वहीं, केंद्र और राज्य सरकार डिमासा आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए 500-500 करोड़ रुपए देगी।
More Stories
वक्फ संशोधन बिल पारित होते ही कानून में होंगे ये 10 बड़े बदलाव, जानिए पूरी जानकारी
न्याय की नई सुबह: जब जजों की पारदर्शिता बनेगी जनता का विश्वास!
सलमान खान ने बॉलीवुड की चुप्पी पर जताया दुख, कहा – “मुझे भी सपोर्ट की जरूरत पड़ती है…”