आज सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर फैसला लेते हुए, एक बड़ा झटका दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि आरक्षण का 50 प्रतिशत की सीमा का उलंघन किया जा रहा है, इसीलिए मराठा समुदाय को दिए गए 16 प्रतिशत आरक्षण को हटा दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 50 फीसदी आरक्षण की सीमा लांघने को समानता के मौलिक अधिकार के खिलाफ बताया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च को मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
और फिर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ऐसा कहा कि, मराठा समुदाय के लोगों को शैक्षणिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा नहीं करार दिया जा सकता ऐसे में उन्हें आरक्षण के दायरे में लाना सही नहीं है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार का फैसला निरस्त कर दिया था।
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