सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया, जिसमें ओडिशा सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई थी। लेकिन अब ने ओडिशा में जगन्नाथ पुरी में रथ यात्रा निकलने की इजाज़त दे दी गई है। इसके साथ की कोर्ट ने बाकी राज्यों की रथ यात्रा निकालने की अनुमति वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
ओडिशा सरकार शनिवार को कहा था कि, इस वर्ष वार्षिक रथ यात्रा उत्सव बिना श्रद्धालुओं के आयोजित किया जाएगा , जिस में रथों को छतों से अनुष्ठान देखने की भी अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि 12 जुलाई को त्योहार से एक दिन पहले पुरी शहर में कर्फ्यू लगाया जाएगा और प्रतिबंध अगले दोपहर तक प्रभावी रहेगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण लगातार दूसरे वर्ष भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का उत्सव बिना श्रद्धालुओं की भागीदारी के आयोजित किया जा रहा है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि उम्मीद है कि अगले साल भगवान हमें इस आयोजन को देखने देंगे। तब तक टीवी पर ही देखिए। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मंदिर के इतिहास में पिछले साल पहली बार ऐसा हुआ कि हम धार्मिक अनुष्ठान से वंचित रहे। इस साल मंदिर समिति ने पूरी तैयारी की है। और साथ ही हमने पाबंदियों के अनुरूप तैयारी की है।
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